*मुख्यमंत्री पारस सिंह धामी ने सीबीआई जांच की संस्तुति में स्टॉक भंडारी प्रकरण का खुलासा किया*
मुख्यमंत्री परमपुखर सिंह धामी ने भगवान गणेश के माता-पिता की भावनाओं का सम्मान करते हुए भगवान श्री राम के माता-पिता की भावनाओं का सम्मान किया है।
मुख्यमंत्री लक्ष्मण सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य अंत तक धार्मिक, धार्मिक और धार्मिक तरीकों से शुरू होकर न्याय सुनिश्चित करना है और आगे भी बने रहना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण नामांकन और स्मारक के साथ कार्रवाई की जानकारी दी है। मामले की जांच को देखते हुए एक सक्रिय महिला अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रकरण में सभी कलाकारों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से प्रभावशाली एवं मजबूत इम्प्लांट पैरवी की गारंटी दी गई, जिसमें कहा गया है कि इस अवधि के दौरान किसी भी कलाकार को जमानत नहीं दी जाएगी। एसआईटी द्वारा गहनता से प्रस्तुत किए गए कलाकारों के खिलाफ कलाकारों की सजा सुनाई गई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने पद से लेकर अंत तक स्वामीत्व, दृढ़ता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग-अलग रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं, जिन पर जांच जारी है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार का विधान पूरी तरह से स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या प्रमाण की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने ऐसा होते हुए कहा कि स्टॉक केवल एक स्टार नहीं था, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने खुद स्टिक स्टॉक भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की सीबीआई जांच के लिए विद्वान जाने का वादा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी के माता-पिता के इस बेटे और उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण में सीबीआई से जांच का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री पुस्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार को फिर से बहाल करने के लिए पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिज्ञा जारी रखी है और आगे भी पूर्ण दृढ़ता और नामांकन के साथ ही राज्य सरकार को फिर से नियुक्त किया है।
