उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की लंबे समय से चली आ रही अटकलों को आज विराम मिल गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के शपथ ग्रहण के वक्त से ही कैबिनेट में तीन कुर्सियां खाली चल रही थी। साल 2023 में कैबिनेट मंत्री व बागेश्वर विधायक चंदन राम दास के निधन और साल 2025 में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल के इस्तीफे के साथ ही कैबिनेट में खाली पदों की संख्या पांच हो गई थी। पिछले दो साल के भीतर कई बार राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं चली। आज उन अटकलों को विराम मिल गया है।
आला कमान के निर्देश पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पांच विधायकों को मंत्री पद दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी लोकभवन में पांच मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा है। अभी लोकभवन में पांच मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा है। रुद्रप्रयाग के विधायक भरत चौधरी, राजपुर के विधायक खजानदास, विधायक राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा और मदन कौशिक को मंत्री बनाया गया है। सभी मंत्री अभी लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा का मिशन 2027 साफ तौर पर देखा जा सकता है। भाजपा ने मैदानी जिलों से दो जबकि पर्वतीय जिलों से तीन नए मंत्री बनाए हैं। इसके लिए जातीगत और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ख्याल रखा गया है। बताया जा रहा है कि लंबे विचार विमर्श के बाद गृह मंत्री अमित साह ने ये पांच नाम फाइनल किए हैं। राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च के दौरान विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। ऐसे में नए मंत्रियों को काम करने के लिए कम से कम 10 महीने का पूरा मौका मिलेगा।
