निजी अस्पताल की लापरवाही के चलते ऑपरेशन के दौरान 31 वर्षीय युवक की मौत*
देहरादून के रायपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल पर ऑपरेशन के दौरान लापरवाही करने पर युवक की मौत हो गई जब परिजनों ने डॉक्टर और निर्देशक ज्ञानेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने कहा मरीज की स्थिति गंभीर थी लेकिन परिजनों का कहना है कि मरीज खुद अपने पैरों पर चलकर इलाज के लिए आया था कोई गंभीर बीमारी नहीं थी साथ ही अस्पताल प्रशासन पर कई बार ऐसी लापरवाही के आरोप लगे हैं जिसमें या तो मरीज की ज्यादा तबीयत खराब हुई है या फिर उसकी मौत हो गई है अटल आयुष्मान में धांधली करते हुए प्राइमस हॉस्पिटल के निदेशक डॉ जैनेंद्र कुमार के द्वारा सर्जरी विभाग में डॉ अर्चना चौधरी के नाम पर रिटायर्ड सर्जन डॉ के के टम्टा द्वारा ऑपरेशन कराया गया । 31 वर्षीय लड़का चलता हुआ आया मगर ऑपरेशन में लापरवाही के चलते मर गया। इसके ऊपर डॉ जैनेंद्र कुमार , पपीआरओ रोहित भट्ट के द्वारा मरीज के परिजनों से दादागिरी की गई और अतिरिक्त पैसों की फरमाइश की गई । निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार और उनके पिता विक्रम सिंह द्वारा सहस्रधारा निवासी ने मृतक युवक के परिजनों को धमकी भी दी ।इस बात पर परिजन आक्रोशित हो गए और शांतिपूर्वक हॉस्पिटल के खिलाफ नारे लगाए गए । बता दें की ये पहला वाकिया नहीं कुछ महीने पहले भी 7 वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ बुखार का इलाज कराने आई थी और दो दिन बाद बच्ची की मौत हो जाती है साथ ही हॉस्पिटल के द्वारा अपनी मनमर्जी से आयुष्मान और अन्य योजनायों की धज्जिया उड़ायी हैं। पहले भी डॉ जैनेंद्र कुमार द्वारा महंत इंदिरेश हॉस्पिटल से मरीज़ो को अपने हॉस्पिटल में सस्ते इलाज का झांसा देकर लाया गया है पर वो बच नहीं पाए और मृत्यु को प्राप्त हुए । शिकायत करने पर यह मुद्दा निदेशक एवं उनके पिता के द्वारा मैनेज कर लिया गया । बता दें कि अस्पताल के निदेशक ज्ञानेंद्र सिंह के पिताजी विक्रम सिंह आई ए एस लाल बहादुर शास्त्री अकैडमी से रिटायर्ड हैं एवं टॉप आईएसएस से संबंध के बल पर रसूख दिखाते हैं। पर अब और नहीं !! इस बार शासन और प्रशासन को आँखें खोलनी होंगी!!
