उत्तराखंड में पटवारी और लेखपाल के ग्रेड पे बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी संघ लगातार प्रयासरत हैं। लेखपाल संघ महामंत्री तारा चंद्र घिल्डियाल के अनुसार, राज्य बनने के बाद से पुनर्गठन नहीं हुआ है, जबकि नई तहसीलें कई नई बनी हैं। संघ ने क्षेत्रफल नहीं बल्कि जनसंख्या के आधार पर पटवारी, लेखपाल क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर कोशिश शुरू की है।
पटवारी और लेखपाल के वेतन की बात करें, तो वर्तमान में पटवारी का वेतन ₹29,200 से ₹92,300 है, जो 7वें वेतन आयोग के तहत है। लेखपाल का वेतन भी इसी श्रेणी में आता है। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से वेतन में 25-30% की वृद्धि संभव है।
लेकिन, इन कर्मचारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे कि संसाधनों की कमी, अधिक काम का बोझ, और अपर्याप्त सुविधाएं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संघ ने सरकार से मांग की है कि पुनर्गठन के साथ-साथ संसाधनों की भी व्यवस्था की जाए और कर्मचारियों को उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं।
संघ के अनुसार, यदि सरकार इन मांगों को पूरा करती है, तो इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकारी कामकाज में भी सुधार होगा। इसलिए, संघ सरकार से अनुरोध करता है कि इन मांगों पर जल्द से जल्द विचार किया जाए और कर्मचारियों को न्याय दिया जाए।
